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ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का दावा – चीन 2015 से कर रहा था कोरोना महामारी की तैयारी

Chinese

आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। इस वायरस का पहला मामला 2019 में चीन में पाया गया था। इतने अरसे के बाद, एक ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने दावा किया है कि चीन इस महामारी की तैयारी पिछले छह वर्षों से कर रही है। द वीकेंड ऑस्ट्रेलियन के अनुसार, चीन कोरोना वायरस को जैविक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी 2015 से कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि  चीन की सेना (Chinese Military) और वैज्ञानिक कोविड-19 के विभिन्न स्ट्रेन पर शोध कर रहे थे और उनका इरादा इसे तीसरे विश्वयुद्ध की स्थिति में जैविक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का था। 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह वायरस इतना असाधारण है कि किसी चमगादड़ के बाजार से ऐसे ही नहीं फैल सकता है और यह मानना पूरी तरह से गलत है।

इसके साथ ही, रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि चीनी वैज्ञानिकों (Chinese Scientists) की सोच, इस वायरस को महामारी के तौर विकसित कर, सामने वाले देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को खत्म कर देने की भी थी, जिससे पूरी दुनिया में चीन का वर्चस्व बढ़ सके।

Chinese coronavirus

इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद, दुनिया में चीन की सरकार पर फिर से सवाल उठ रहे हैं। याद दिला दें कि पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार खुले तौर पर, कोरोना वायरस को चीनी वायरस कहा था और दावा किया था कि इस वायरस को पूरी दुनिया की स्वास्थ्य व्यवस्था को तबाह करने के लिए, चीन के वैज्ञानिकों के द्वारा तैयार किया गया है और उनकी इंटेलिजेंस एजेंसी के पास इस बात के प्रमाण भी हैं।

लेकिन, ट्रम्प के राष्ट्रपति पद के हटने के बाद इस मामले में ज्यादा चर्चा नहीं हुई। 

बता दें कि आज पूरी दुनिया में 16 करोड़ से अधिक लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं और इससे सिर्फ आधिकारिक तौर पर करीब 33 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं, भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने परिस्थितियों को और अधिक गंभीर बना दिया है और अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हर दिन हजारों लोगों की जान जा रही है।

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